GPOTD 4.8.20

I played cello from age 11 to age 15; last two years in an 85 piece orchestra but I need frets on my fiddles .......
 
No! A thousand times no!

No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No!
 
I played cello from age 11 to age 15; last two years in an 85 piece orchestra but I need frets on my fiddles .......
It looked to me like it had frets when you go the pictures of the neck on the listing.

There is too much that I don't like for me.
 
It looked to me like it had frets when you go the pictures of the neck on the listing.

There is too much that I don't like for me.

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No! A thousand times no!

No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No! No!

I only counted 299...:grin:
 
There are a lot of neat, visual decisions there, unfortunately, they look horrible when compounded.
 
A gorgeous instrument that will sell to someone who can afford to never play it.
 
If I had a man-cave that'd be a great wood for my beer table.
Hate it when the inlays cover more than 1 fret.
"There are only 20 of these with the same specs worldwide" - yet I don't see it specified anywhere.

The case looks like it might be usable to grow vegetables.
 
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